:
Breaking News

पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सियासी संग्राम, राहुल-प्रियंका ने नीतीश सरकार को घेरा

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना।पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की देर रात हुई गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में जबरदस्त उबाल ला दिया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी खुलकर उनके समर्थन में उतर आए हैं। दोनों नेताओं ने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर “राजनीतिक प्रतिशोध” करार देते हुए केंद्र और बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि पप्पू यादव का कसूर सिर्फ इतना है कि वे पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में लगातार न्याय की मांग कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से सवाल पूछने वालों को डराने और चुप कराने की रणनीति के तहत यह गिरफ्तारी की गई है। राहुल गांधी के मुताबिक, पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के बजाय पूरा सरकारी तंत्र मामले को भटकाने और दबाने में जुट गया है।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि नीट अभ्यर्थी की मौत और उसके बाद की कार्रवाई ने सिस्टम की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-एनडीए की वही पुरानी कार्यशैली एक बार फिर सामने आई है—जहां पीड़ित को प्रताड़ित किया जाता है और दोषियों को सत्ता का संरक्षण मिलता है। राहुल गांधी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह सिर्फ एक सांसद की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि जवाबदेही मांगने वाली हर आवाज़ को कुचलने की कोशिश है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पटना के हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुई घटना और उसके बाद सरकार का रवैया बेहद डरावना है। प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि एफआईआर से लेकर जांच तक हर स्तर पर संदेह क्यों नजर आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध हुए हैं, वहां भाजपा शासित राज्यों में सत्ता पीड़ितों के बजाय आरोपियों के साथ खड़ी दिखी है। पप्पू यादव की गिरफ्तारी को उन्होंने इसी असंवेदनशील रवैये की अगली कड़ी बताया।
उधर, पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश पर की गई है। पुलिस के अनुसार, पप्पू यादव को 1995 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है, जो गर्दनीबाग थाना क्षेत्र से जुड़ा है। इस केस में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और धमकी जैसी गंभीर धाराएं दर्ज हैं। अदालत में लंबे समय से चल रही सुनवाई के दौरान सांसद की लगातार गैरहाजिरी के कारण यह कदम उठाया गया।
हालांकि, गिरफ्तारी के समय पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ने और समर्थकों के भारी विरोध ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ सरकार इसे कानून का पालन बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे न्याय की आवाज को दबाने की साजिश करार दे रहा है। ऐसे में पप्पू यादव की गिरफ्तारी अब सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक टकराव का प्रतीक बनती जा रही है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *